काल सर्प दोष पूजा एक असरदार वैदिक उपाय है। ये जीवन में आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद करती है, जो ग्रहों की असमान स्थिति की वजह से होती हैं। बहुत लोग इस दोष के कारण तनाव, सेहत की समस्या या पैसे से जुड़ी दिक्कतों का सामना करते हैं। काल सर्प पूजा तभी फायदेमंद होती है जब सही समय पर की जाए। त्र्यंबकेश्वर मंदिर इसे करने के लिए सबसे भरोसेमंद जगह माना जाता है।
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काल सर्प दोष पूजा के लिए सर्वोत्तम समय
काल सर्प दोष पूजा का सबसे सही समय ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है। ज्योतिष शास्त्र में इसके लिए विशेष दिन और मुहूर्त बताए गए हैं। जब यह पूजा सही समय पर की जाती है, तो इसका प्रभाव बहुत बढ़ जाता है।
काल सर्प दोष तब बनता है जब राहु और केतु अन्य ग्रहों के बीच में स्थित होते हैं। इससे करियर में रुकावट, विवाह संबंधी समस्याएँ, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ और मानसिक शांति में बाधा आती है।
ग्रहों की शक्तियों का लाभ तभी लिया जा सकता है जब पूजा अनुकूल समय पर की जाए। ज्योतिषियों का सुझाव है कि पूजा देर शाम के समय नहीं करनी चाहिए।
दिन में किए जाने वाले अनुष्ठान आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाते हैं। जब पूजा वैदिक रीति से होती है, तो घर में शांति जल्दी स्थापित होती है। सर्वोत्तम दिनों पर पूजा करने से अच्छे परिणाम पाने में देरी नहीं होती। कई भक्त कुछ हफ्तों में मानसिक शांति का अनुभव करने लगते हैं।
सबसे सर्वोत्तम समय जो काल सर्प दोष पूजा के लिए उपयुक्त माना जाता है:
- सुबह जल्दी, सूर्योदय के बाद
- विशेष दिनों में राहु काल
- अमावस्या का समय
- नाग पंचमी
- श्रावण मास
- महा शिवरात्रि
ज्योतिषियों का सुझाव है कि पूजा तब करनी चाहिए जब राहु और केतु अपनी पूर्ण शक्ति में हों। इससे अच्छे लाभ मिलते हैं। कई भक्त अमावस्या को पसंद करते हैं क्योंकि इसे आध्यात्मिक प्रभाव बढ़ाने वाला माना जाता है।
हालांकि, काल सर्प दोष पूजा का सही समय आपके जन्मपत्री पर भी निर्भर करता है। मुहूर्त तय करने से पहले एक अनुभवी पंडित आपकी कुंडली का अध्ययन करता है। इससे पूजा सही तरीके से संपन्न होती है।
सटीक सलाह के लिए भक्त पंडित अशोक गुरुजी से संपर्क करें: +91 7887878029। वह ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपके लिए उचित मुहूर्त चुनने में मदद करते हैं।
त्र्यंबकेश्वर काल सर्प पूजा का समय
त्र्यंबकेश्वर में की जाने वाली काल सर्प पूजा को सबसे पवित्र माना जाता है। त्र्यंबकेश्वर वह पावन स्थान है जहाँ भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग स्थित है। इसी कारण यहाँ की गई पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा का समय मंदिर की दिनचर्या पर भी निर्भर करता है। पंडित अशोक गुरुजी मंदिर की परंपराओं के अनुसार पूजा संपन्न कराते हैं, जिससे पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की रुकावट न हो।
भक्तों के लिए पंडितों द्वारा बताए गए सभी नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। समय पर पहुँचने से पूजा शांतिपूर्वक और बिना किसी परेशानी के पूरी होती है।
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा का सबसे अच्छा समय प्रायः सुबह का होता है। सुबह किए गए अनुष्ठान शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। पंडित वैदिक विधि से पूरे ध्यान और श्रद्धा के साथ पूजा संपन्न कराते हैं।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर में सामान्य पूजा समय इस प्रकार है:
- सुबह: 6 बजे से 9 बजे तक
- देर सुबह: 9 बजे से 12 बजे तक
काल सर्प दोष पूजा के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम माना जाता है। इस समय वातावरण शांत रहता है और मंत्रों का प्रभाव अधिक होता है।
पंडित अशोक गुरुजी गोदावरी नदी के तट पर काल सर्प पूजा कराते हैं। पूजा में पवित्र जल का उपयोग किया जाता है और हर विधि पारंपरिक तरीके से पूरी की जाती है। भक्तों को पूजा से एक दिन पहले त्र्यंबकेश्वर पहुँचना चाहिए।
पंडित अशोक गुरुजी भक्तों को पूजा की तैयारी और सभी विधियों को समझाते हैं तथा पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन करते हैं। त्र्यंबकेश्वर काल सर्प पूजा के सही समय की जानकारी के लिए आप पंडित अशोक गुरुजी से +91 7887878029 पर संपर्क कर सकते हैं।
त्र्यंबकेश्वर पंडित अशोक गुरुजी से संपर्क करें +917887878029
काल सर्प दोष पूजा का समय
भक्तों को काल सर्प दोष पूजा के लिए एक दिन पहले त्र्यंबकेश्वर पहुँचना चाहिए। पूजा की तय समय के अनुसार पहुँचने से भक्तों को पूजा की तैयारी करने का पूरा अवसर मिलता है। गुरुजी भक्तों को पूरी प्रक्रिया समझाते हैं और हर चरण में मार्गदर्शन करते हैं। त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा के सही समय की जानकारी के लिए आप त्र्यंबकेश्वर पंडित संपर्क नंबर से +91 7887878029 पर संपर्क कर सकते हैं।
काल सर्प दोष पूजा की अवधि भक्त की कुंडली और काल सर्प दोष के प्रकार पर निर्भर करती है। सभी भक्तों के लिए एक जैसी लंबी पूजा आवश्यक नहीं होती। कुछ लोगों के लिए साधारण शांति विधि पर्याप्त होती है, जबकि कुछ मामलों में अतिरिक्त मंत्रों के साथ विशेष अनुष्ठान करने पड़ते हैं। इसी कारण पूजा में लगने वाला समय अलग-अलग हो सकता है।
पूजा शुरू करने से पहले पंडित अशोक गुरुजी पूरे कार्यक्रम की सावधानी से योजना बनाते हैं। वे संकल्प, आहुतियाँ, मंत्र जाप और पूर्ण आहुति के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित करते हैं।
पर्याप्त समय देने से पूजा में होने वाली त्रुटियाँ कम होती हैं और आध्यात्मिक लाभ अधिक मिलता है। भक्तों से अपेक्षा की जाती है कि वे पूरा दिन पूजा के लिए रखें, ताकि बिना किसी जल्दी या बाधा के शांत वातावरण में पूजा संपन्न हो सके।
काल सर्प पूजा के लिए सबसे सर्वोत्तम दिन और तारीखें 2026
साल 2026 में काल सर्प पूजा के लिए सही दिन चुनना बहुत ज़रूरी होता है। ज्योतिष अनुसार चुने गए दिन पूजा के फल को कई गुना बढ़ा देते हैं। समय पर त्र्यंबकेश्वर पूजा बुकिंग करने से सर्वोत्तमतारीखें आसानी से मिल जाती हैं। अमावस्या की तारीख हर साल पंचांग में बताई जाती हैं।
2026 में काल सर्प पूजा का सबसे अच्छा दिन उस व्यक्ति में मौजूद काल सर्प दोष की स्थिति और प्रभाव पर निर्भर करता है। हर किसी के लिए एक ही दिन उपयुक्त हो, ऐसा ज़रूरी नहीं होता।
कुछ कुंडलियों में श्रावण मास में पूजा करना लाभदायक माना जाता है, तो कुछ में नाग पंचमी का दिन अधिक फल देता है। पंडित अशोक गुरुजी अपने अनुभव के आधार पर सही मार्गदर्शन देते हैं और गलत तारीख चुनने से बचाते हैं।
| जनवरी 2026 | 1, 3, 4, 5, 7, 10, 11, 12, 14, 17, 18 (अमावस्या) 19, 21, 24, 25, 26, 28 और 31. है |
| फरवरी 2026 | 1, 2, 4, 7, 8, 9, 11, 14, 15, 16, (महाशिवरात्रि) 17, 21, 22, 23, 25, 28. है |
| मार्च 2026 | 1, 2, 4, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 19 (अमावस्या) 21, 22, 23, 25, 28, 29, 30.है |
| अप्रैल 2026 | 1, 2, 4, 5, 6, 8, 11, 12, 13, 15, 17 (अमावस्या) 18, 19, 20, 22, 25, 26, 27, 30. है |
| मई 2026 | 2, 3, 4, 6, 9, 10, 11, 13, 16 (अमावस्या) 17, 18, 20, 23, 24, 25, 27, 30 और 31. है |
| जून 2026 | 1, 3, 6, 7, 8, 10, 12 (नाग पंचमी) 13, 14, 15, 17, 20, 21, 22, 24, 27, 28 और 29. है |
| जुलाई 2026 | 1, 2, 4, 5, 6, 8, 11, 12, 13, 14, 16, 18, 19, 20, 22, 25, 26, 27 और 29. विशेष दिन श्रावण सोमवार (13, 20, 27 जुलाई) है |
| अगस्त 2026 | 1, 2, 3, 5, 8, 9, 10, 12, 14 (अमावस्या) 15, 16, 17, 19, 22, 23, 24, 26, 28, 29, 30 और 31. है |
| सितम्बर 2026 | 2, 3, 5, 6, 7, 9, 11, 12, 13, 14, 16, 19, 20, 21, 23, 26, 27, 28, 30. (परिवार में शांति और क्षमा लाने के लिए विशेष दिन पितृ पक्ष अमावस्या।) है |
| अक्टूबर 2026 | 1, 3, 4, 5, 7, 10, 11, 12 (अमावस्या) 14, 17, 18, 19, 21, 24, 25, 26, 28 और 31. है |
| नवंबर 2026 | 1, 2, 4, 7, 8, 9, 11 (अमावस्या) 14, 15, 16, 18, 21, 22, 23, 25, 28, 29 और 30. है |
| दिसंबर 2026 | 2, 3, 5, 6, 7, 8, 10 (मार्गशीर्ष अमावस्या), 12, 13, 14, 16, 19, 20, 21, 23, 26, 27, 28 और 31. है |
काल सर्प पूजा के लिए सर्वोत्तम दिन इस प्रकार माने जाते हैं:
- अमावस्या
- सोमवार
- नाग पंचमी
- श्रावण सोमवार
- महा शिवरात्रि
2026 में काल सर्प पूजा की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:
- जनवरी अमावस्या
- फरवरी महाशिवरात्रि
- अप्रैल अमावस्या
- जुलाई नाग पंचमी
- श्रावण मास की अमावस्या
- अक्टूबर अमावस्या
2026 में काल सर्प पूजा का सबसे उपयुक्त दिन व्यक्ति की कुंडली देखकर तय किया जाता है। कुछ लोगों को राहु शांति की आवश्यकता होती है, जबकि कुछ को केतु से जुड़ी शांति पूजा करनी पड़ती है।
पंडित अशोक गुरुजी पहले काल सर्प दोष के प्रकार की पुष्टि करते हैं और उसके बाद ही पूजा की तारीख निश्चित करते हैं। भक्तों को अपनी मर्जी से तारीख नहीं चुननी चाहिए। सही मुहूर्त से पूजा में होने वाली गलतियाँ दूर होती हैं। गुरुजी आपको काल सर्प पूजा 2026 के लिए सबसे अच्छे दिन के लिए पहले से बुकिंग करने में मदद करते हैं।
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ पंडित
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा के लिए पंडित चुनते समय यह देखना ज़रूरी होता है कि वे पूजा की सही विधि जानते हों। काल सर्प दोष पूजा कराने के लिए पंडित का अनुभवी होना और वैदिक विधानों का पूरा ज्ञान होना बहुत आवश्यक है।
पूजा की सफलता में स्थानीय परंपराओं का ज्ञान भी अहम भूमिका निभाता है। त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा के लिए वही पंडित श्रेष्ठ माने जाते हैं, जिन्हें मंदिर की रीति-रिवाजों और परंपराओं की गहरी समझ हो। पंडित अशोक गुरुजी परंपरागत पंडित परिवार से हैं और लंबे समय से इस सेवा में लगे हुए हैं।
पंडित अशोक गुरुजी की विशेष पहचान यह है कि वे काल सर्प पूजा को पूरी तरह वैदिक और पारंपरिक विधि के अनुसार श्रद्धा और नियमों के साथ संपन्न कराते हैं, जिससे भक्तों को सही फल प्राप्त होता है।
निष्कर्ष
काल सर्प दोष जीवन में असंतुलन पैदा कर सकता है। सही समय पर की गई पूजा जीवन में शांति लाती है और आगे बढ़ने का मार्ग आसान बनाती है। काल सर्प दोष पूजा के लिए त्र्यंबकेश्वर को सबसे प्रभावशाली और पवित्र स्थान माना जाता है।
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा का सही समय पूजा को सफल बनाता है। वहीं 2026 में काल सर्प पूजा के लिए सर्वोत्तम दिन का चयन करने से इस पूजा का पूरा लाभ मिलता है।
पंडित अशोक गुरुजी जैसे अनुभवी और योग्य पंडित का मार्गदर्शन काल सर्प दोष पूजा को आपके और आपके परिवार के लिए फलदायी बनाता है।
पंडित अशोक गुरुजी त्र्यंबकेश्वर में विधि-विधान से शुद्ध और सच्ची पूजा कराते हैं। उनका अनुभव, निष्ठा और सरल मार्गदर्शन भक्तों के मन में विश्वास पैदा करता है।
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प दोष पूजा कराने और उसके प्रभाव से मुक्ति पाने के लिए आप पंडित अशोक गुरुजी से +91 7887878029 पर संपर्क कर सकते हैं, ताकि आप एक शांत, सुखद और सफल जीवन की शुरुआत कर सकें।





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